” स्वर्णिम भारत का आधार शाश्वत जैविक योगिक खेती”

 

स्वर्णिम भारत का आधार शाश्वत जैविक योगिक खेती  विषय पर सम्मेलन – (तुमसर ) -कृषि एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किसानों के सशक्तिकरण हेतु तुमसर तालुका के सिहोरा गांव में स्वर्णिम भारत का आधार शाश्वत जैविक योगिक खेती विषय पर कार्यक्रम किया गया| जिसमें सेवा केंद्र संचालिका ब्र. कु. शक्ति दीदी ने सभी का स्वागत किया साथ ही एक सुंदर नाटक के द्वारा सशक्त किसान की भूमिका को दर्शाया| 
कामठी सेवा केंद्र संचालिका ब्र. कु. प्रेमलता दीदी ने ग्राम विकास विभाग की जानकारी दी और कार्यक्रम की प्रस्तावना देते हुए कहा कि आज के समय में किसानों के जागृति हेतु सरकार विभिन्न योजनाएं बना रही है ब्रह्मा कुमारीज विद्यालय द्वारा किसानों के मनोबल बढ़ाने का कार्य, जीवन में सद्गुणों को लाने का कार्य यह विद्यालय कर रहा है। शुभ संकल्पों के द्वारा एक अच्छे समाज का निर्माण तो व्यक्ति कर सकता है साथ ही शुद्ध, सकारात्मक प्रकरणों द्वारा अपने खेती को भी सुजलाम सुफलाम कर सकता है और इस प्रकार की खेती हजारों भाई बहने कर रहे हैं जिसके सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं ।कई यूनिवर्सिटी में यह अनुसंधान का कार्य चल रहा है ।
मुख्य वक्ता के रूप में कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग  के सदस्य गोंदिया से आए ब्रह्मा कुमार महेंद्र भाई ठाकुर ने कहा कि किसान अन्नदाता हैं। किसान भारतीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है । परंतु आज आधुनिकता की चकाचौंध के कारण वह परेशान हैं । रासायनिक दवाओं तथा कीटनाशकों का अत्याधिक उपयोग यह हमारे खेती को बंजर करता जा रहा है और प्रकृति का संतुलन बिगड़ रहा है । आज जरूरत है कि हम प्राकृतिक संसाधनों का प्रयोग करें। जैसे – गोबर ,गोमूत्र ,पेड़-पौधों-पत्तों  द्वारा निर्मित कीटनाशक दवाओं का प्रयोग करें तो जरूर हम कम लागत में उत्तम खेती कर सकते हैं साथ ही व्यक्ति जब सकारात्मक चिंतन करता है , शुध्द अन्न का स्वीकार करता है , व्यसनो से दूर रहता है तो अपनी खेती को सुचारू रूप से सकारात्मक ऊर्जा दे सकता है ।
भ्राता धनेंद्र तुरकर (सभापती- शिक्षण विभाग जिला परिषद् , भंडारा) ने कहा कि आज मैं इस प्रकार के आयोजन का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं और इस प्रकार से खेती करने से जरूर हम पर्यावरण की ,धरती माता की रक्षा कर सकते हैं तो मैं भी संकल्प करता हूं कि आज से 2 एकड़ खेती पूरे रीती से योगिक करूंगा और किसानों में जागृति लाने में मदद भी करूंगा। कार्यक्रम में गांव गांव से अनेक लोग पहुंचे थे जैविक योगिक खेती की थीम पर शोभायात्रा भी निकाली गई तथा कार्यक्रम में आदर्श गांव का मॉडल एक छोटे बच्चे ने तैयार किया। साथ ही योगिक खेती द्वारा उत्पादित फल और सब्जियों का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में ब्रम्हाकुमारी बहनों द्वारा इस प्रकार की खेती करने के लिए प्रतिज्ञाएं भी कराई गई ।आभार विधि ब्र.कु.प्रतिभा बहन ने किया ।

राष्ट्रीय आयुष अभियान महाराष्ट्र व ब्रह्माकुमारीज् यांच्यातफे मानसिक स्वास्थ्य आणि राजयोग कार्यशाळा

तुमसर (दि. 20 ) राष्ट्रीय आयुष अभियान महाराष्ट्र आणिब्रह्माकुमारीज् वैद्यकिय प्रभागामार्फत मानसिक स्वास्थ्य आणि राजयोग ध्यानाभ्यास कार्यशाळेत उपस्थितांनी मेडिटेशनद्वारे गहनशांतीचा अनुभव करुन दैनंदिन जीवनातील धावपळीपासून काही क्षण का असेना तणावमुक्तिचा अनुभव घेतला. राष्ट्रीय आयुष अभियान अंतर्गत मेडिटेशन वर्कशॉप फॉर हेल्थ केअर प्रोव्हायडर्स या उपक्रमातर्गत शासकीय अधिकारी व कर्मचा­यांसाठी मानसिक स्वास्थ्य व राजयोग मेडिटेशन या कार्यशाळेचे आयोजन करण्यात आले आहे.

        या उपक्रमांतर्गत आरोग्य अधिकारी व कर्मचा­यांचे मानसिक बळ वाढविणे हे प्रमुख उद्देश होता.त्याअनुषंगाने महाराष्ट्र राज्यातील सर्व तालुक्यात ब्रह्माकुमारीज् वैद्यकिय प्रभाग, महाराष्ट्र यांच्या सहकार्याने कार्यशाळेचे आयोजन केले गेले. त्याचच एक भाग म्हणून स्थानिक ब्रह्माकुमारीज् सेवाकेंद्र आणि शासनाच्या वैद्यकिय विभागामार्फत सदरहू कार्यशाळेचे आयोजन करण्यात आले होते. जगात विविध क्षेत्रात चाललेली गळेकापू स्पर्धा, एकमेकांशी अनावश्यक होणारी तुलना, कुरघोडी, चढाओढ यामुळे निर्माण होणारी नकारात्मक ही मानसिक स्वास्थ्यासाठी अत्यंत घातक असुन सुदृढ मानसिक स्वास्थ्याची गुरूकिल्ली राजयोग ध्यानाभ्यास होय. आजच्या
गतीमान आणि धावपळीच्या, स्पर्धेच्या जीवनात ताण-तणाव व मानसिक समस्यां भेडसावित असतांना प्रत्येकास मानसिक स्वास्थ्य असणे अत्यंत गरजेचे आहे. अशा परिस्थितीत मेडिटेशन, धानाभ्यास हे मानसिक स्वास्थ्यासाठी महत्वाचे ठरणारे आहेत असा सूर राष्ट्रीय आयुष अभियान महाराष्ट्र आणि ब्रह्माकुमारीज् वैद्यकिय प्रभागामार्फत मानसिक स्वास्थ्य आणि राजयोग ध्यानाभ्यास कार्यशाळेत उपस्थितांनी काढला.

ब्रह्माकुमारी प्रतिभा दीदी यांनी आपल्या अभ्यासपूर्ण सादरीकरणाने  मेडिटेशनद्वारे गहनशांतीचा अनुभव करुन दिला.

    ज्यायोगे दैनंदिन जीवनातीलधावपळीपासून काही क्षण का असेना तणावमुक्तिचा अनुभव घेतला. प्रशिक्षणामुळे आपण देत असलेल्या सेवेत अधिक निपुणता येते आणि अधिक चांगल्या प्रकारे आरोग्य सेवा जनतेस दिली जाऊ शकते या उद्देशाने आरोग्यसेवेत असणा­या आपल्या अधिकारी आणि कर्मचा­यांना शारीरिक स्वास्थ्या बरोबर मानसिक स्वास्थ्याचे प्रशिक्षण मिळावे आणि मानसिक स्वास्थ्याचे त्यांनी प्रबोधन करावे या उद्देशाने कार्यशाळेत प्रशिक्षण देण्यात आले. कार्यशाळेसाठी तालुक्यातील प्राथमिक आरोग्य केंद्राचे वैद्यकिय अधिकारी व कर्मचारी, ग्रामीण तसेच उपजिल्हा रूग्णालयातील वैद्यकिय अधिकारी, आरोग्य कर्मचारी तसेच अन्य शासकीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित होते. कार्यक्रमासाठी तालुका आरोग्य अधिकारी, जिल्हा आयुष अधिकारी, सहा. आयुष अधिकारी, ब्रह्माकुमारीज् वैद्यकिय प्रभागाचे पदाधिकारी यांनी सहकार्यकेले. डॉ. उमेश तागडे, सहा. संचालक (आयुष), राष्ट्रीय आरोग्य अभियान मुंबई आणि ब्रह्माकुमारीज् वैद्यकिय प्रभागाचे डॉ. सचिन परब, मुंबई यांचे सदरहू कार्यशाळेस प्रमुख मार्गदर्शन लाभले.

      व्यासपीठावर ब्र.कु शक्ति दीदी ब्रह्माकुमारी प्रतिभा दीदी ,डॉ महबुब कुरैशी (तालुका आरोग्य अधिकारी ) रोशनिताई नारनवरे (पंचायत समिती सभापति ) डॉ शान्तिदास लुंगे (आरोग्य अधिकारी ) डॉ राहंगडाले देव्हडी ,चेतना डोये ,मीरा भट (समाज सेविका )होत्या.

तुमसर : रक्षाबंधन कार्यक्रम

 

तुमसर – सेवाकेंद की तरफ से शहर के गणमान्य अतिथीयो को राखी बांधते हुये ब्र.कु.शक्ती बहन

  तुमसर सेवाकेंद्र ” वाह जिंदगी वाह ”

 सिहोरा ( महाराष्ट्र)-

    तुमसर सेवाकेंद्र अंतर्गत सिहोरा मे दि. १४,१५,१६ दिसबंर को “ख़ुशी या तनाव “ स्वयं करे चुनाव इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसके उद्धाटन सत्र मे मंच पर जिल्हा परिषद सदस्य, सरपंच आदी अपस्थित थे. दीपप्रज्वलन पर कार्यक्रम का उद्धाटन किया गया सभी के हाथ मे मोम्बत्ती देकर राजयोग अनुभुती माउंट आबू के डॉ. प्रभा मिश्राजी ने करायी. सैंकडो की  सभा मे सभी ने गहन शांती की अनुभुति की. तीन दिन के सत्र मे सभी ग्रामवासी आनंद विभोर हो गये और अनेको ने व्यसनो से मुक्त होने का संकल्प किया तथा व्यसनो का दान भी किया. और मान्यवरो ने भरी सभा मे कहा की अभी हम खुद मिलकर यहां अपना खुद का सेवाकेंद्र बनायेगे. सभी ने उस्फुत प्रतिसाद दिया. शिवशक्ती डान्स ग्रुप, एवं युगांधर डान्स ग्रुप द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये.

 

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” वाह जिंदगी वाह ”

 

 तुमसर [ महाराष्ट्र ]

         दिनांक – १६-१२-२०१७ को तुमसर सेवाकेंद्र द्वारा ” ख़ुशी या तनाव स्वयं करे चुनाव वाह जिंदगी वाह ” इस कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया जिसके प्रमुख वक्ता माउंट आबु से पधारे डॉ प्रभा मिश्रा थे. तुमसर सेवाकेंद की २५ वी वर्षगांठ के अंतर्गत इस कार्यक्रम मे अमरावती क्षेत्र संचालिका ब्र.कु. सीता दिदी भी पहुचे थे. सांस्कृतिक संध्या के साथ कार्यक्रम की शुरुवात हुई जिसमे समाज जागृती उद्बोधन नाटीका प्रस्तुत की गयी. तत्पश्यात कार्यक्रम का भव्य उद्खाटन हुवा. मंच पर नगराध्यक्ष प्रदीप

पडोळे, लाॉयन्स क्लब अध्यक्ष राजेश पारधी, JCI  के अध्यक्ष  अनिल गभने प्रतिष्ठित व्यापारी भ्राता दिपेश खंडेलवार, शंकर जैस्वाल, विकास परिहार ( पत्रकार) आदी उपस्थित थे.पुष्पगुच्छो येव बँच  द्वारा ब्र.कु बहनो ने अतिथियो का स्वागत किया. शिवशक्ति डान्स ग्रुप द्वारा स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया गया.सेवाकेंद्र संचालिका ब्र.कु. शक्ती बहन ने शुदसुमनो से सभी का स्वागत किया. ब्र.कु इंद्राबहन जो अमरावती से आये उन्होने बहोत सुंदर विद्यालय का परिचय देते हुये विद्यालय का लक्ष्य बताया ,तत्पश्यात दीपप्रज्वलन कर सभी को आत्मसाशात्कार कराया गया.

मुख्य वक्ता प्रभा बहन ने सारी सभा को तनाव से मुक्त होकर वाह जिंदगी बनाने के लिये आध्यात्म को अपनाने पर जोर दिया एवं बताया की स्वयं की पहचान होने बिगर जीवन मे सुख-शांती नही हो सकती. हजारो की संख्या में उपस्थित सभा मंत्रमुग्ध होकर सून रही थी. उन्होने ७ दिन का कोर्स करणे का आश्वासन दिया. अमरावती से आयी सितादिदीं ने अपने मधुर वाणी के साथ बताया की तनाव से मुक्त होने के लिये तीन बातो को ध्यान मे रखना है. माफ करना, भूल जाना और मुस्कुराना इससे हम तनाव मुक्त जीवन जी सकते है.

सभी अतिथियो ने कार्यक्रम की सरहाना करते हुये शुभकामनाये दि. अंत मे सुंदर नृत्यनाटिका शिवशक्ती डान्स ग्रुप सिहोरा ने ८४ जन्मो की कहानी प्रस्तुत की एवं कार्यक्रम के अंत मे सभी के हाथ में शिवध्व्ज देकर ‘’मेरा-बाबा आ गया ‘’गीत के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ.

 

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भारतीय संस्कृति की पुनर्सथापना में कलाकारों का योगदान

तुमसर- सेवाकेंद्र की और से दि. २४-०९-२०१७ को गभने सभागृह में कला-संस्कृति प्रभाग द्वारा भारतीय संस्कृति की पुनार्थपना में कलाकारों का योगदान यह कार्यक्रम सफलता पूर्ण सम्पन हुआ, जिसका उदघाटन नगराघ्यश भ्राता प्रदीपभाऊ पडोडे के द्वारा किया गया.कार्यक्रम के अध्कश भ्राता तारीकभाई कुरेशीजी थे.प्रमुख वक्ता माउन्ट आबू से पधारे भ्राता दयालजी तथा भ्राता सतिशजी जो कला –संस्कृति प्रभाग मुख्यालय सयोजक है.कार्यकम में आशीर्वचन राष्ट्रिय सयोजिका आदरनिय कुसुम दीदीजी ने वेक्त किये, दीदीजी ने बताया की भारत की संस्कृति अति महान है, कला का अर्थ सिर्फ मनोरंजन नहीं है, परंतु आधयात्मिक मूल्यों को अपनाकर कर्म करना भी वास्तव में जीवन जीने की कला है.

    भ्राता दयालजी ने प्रभाग का उदेद्श बताया की हर मनुष्य अपने आपको जाने-पह्जाने ही हर व्यक्ती कलाकार है. भ्राता सतीशजी ने वर्तमान संसार और आदि संस्कृति की बात करते हुये कहा अब भारत को फिर से देवभूमि बनाना है तो बिना आध्यात्मिकता के नहीं हो सकता. इस प्रोग्राम में चार चाँद लगाये भ्राता युगरतन जो की छत्तीसगड के राष्ट्रीय गायक के रूप में पुरस्कृत है, जिन्होंने अपनी सुरीली, सुमधुर आवाज से सभा को मंत्रमुग ‍कर दिया.

     तुमसर सेवाकेंद की संचालिका ब्र.कु. शक्ति बहन ने सभी का स्वागत किया, वरठी सवाकेंद्र संचालिका ब्र.कु उषादिदी ने संस्था का परिचय देते हुये बताया की इस इस संस्था का उद्देश राजयोग के अभ्यास से मानव को मनुष्य से देवता बनाना है.

   इस समय मंच पर नगर के प्रतिठीत नागरिक भ्राता शंकर जैसवाल, भ्राता अनिल गभने, भ्राता राजेश पारधी ,बहन मीरा भट, बहन रितु पाशिने,बहन प्रिया बडवाईक, बहन गीता कोंड़ेवार भी उपस्तिथ थे.

   कामटी सेवाकेंद्र सांचालिका ब्र.कु. प्रेमलता दीदी ने बहोत ही सुंदर मंच सांचालन किया तथा शिवशक्ति डांस ग्रुप द्वारा रंगारग आध्यात्मिक गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किये गये.नागरिको ने इस कार्यक्रम को प्रचंड प्रतिसाद दिया. अंत में आमत्रित कलाकारों को मोमंन्टो एव प्रमाण पत्र दिए गये. कार्यक्रम पशचात सभी को धन्यवाद् देते हुये महाप्रसाद दिया गया

 

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